न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय बाद उच्चस्तरीय बातचीत का एक नया दौर सामने आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पुष्टि की कि उनके प्रशासन के अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक हुई। ट्रंप ने बातचीत को “बहुत अच्छी” बताया।

ट्रंप ने बातचीत को बताया सकारात्मक

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बैठक अच्छी रही। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। ट्रंप के मुताबिक, बहुत जल्द एक और बैठक होने की संभावना है।

बातचीत के पीछे क्या है मुद्दा?

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव का सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा है। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान ईरान को लेकर कड़ा रुख भी जताया और कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। इसी बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के बीच भी न्यूयॉर्क में बातचीत की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े मुद्दों और अमेरिकी सैन्य दबाव को लेकर अपनी शर्तें रखी हैं।

युद्ध के बीच बातचीत से बढ़ी कूटनीतिक हलचल

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुई यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच सीधे संवाद की गुंजाइश लंबे समय से सीमित रही है। हालांकि, तीन घंटे की बैठक और ट्रंप की सकारात्मक टिप्पणी को किसी समझौते की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष किन मुद्दों पर सहमत हुए हैं। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक 18 से 28 सितंबर तक न्यूयॉर्क में चल रहा है, जिसमें दुनिया के कई देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं।

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