न्यूयॉर्क: तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने 22 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। मंगलवार को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कश्मीर समेत दक्षिण एशिया के सभी विवादों को बातचीत के जरिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा संबंधित प्रस्तावों के ढांचे में सुलझाया जाना चाहिए।

कश्मीर पर क्या बोले एर्दोगन?

भारतीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एर्दोगन ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए विवादों का समाधान संवाद के जरिए होना जरूरी है। उन्होंने कश्मीर को भी इसी संदर्भ में शामिल किया। यह पहली बार नहीं है जब एर्दोगन ने UN महासभा के मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाया है। 2019 के बाद से वह कई बार अपने संबोधनों में इसका जिक्र कर चुके हैं। हालांकि, 2024 में उन्होंने कश्मीर का उल्लेख नहीं किया था।

भारत का क्या रुख रहा है?

एर्दोगन की कश्मीर संबंधी टिप्पणियों पर भारत पहले भी आपत्ति जताता रहा है। नई दिल्ली का कहना रहा है कि तुर्किये को भारत की संप्रभुता और आंतरिक मामलों का सम्मान करना चाहिए। 2025 में भी एर्दोगन ने UNGA में कश्मीर को बातचीत और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर हल करने की बात कही थी, जिस पर भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया था।

गाजा और फिलिस्तीन पर भी बोले एर्दोगन

एर्दोगन के भाषण में गाजा और फिलिस्तीन का मुद्दा भी प्रमुख रहा। उन्होंने गाजा के पुनर्निर्माण को जल्द शुरू करने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइल पर अधिक दबाव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का समर्थन किया और कहा कि तुर्किये फिलिस्तीन के मुद्दे को UN में उठाता रहेगा।

भाषण के दौरान इजराइली प्रतिनिधिमंडल बाहर निकला

एर्दोगन के गाजा पर भाषण के दौरान इजराइली प्रतिनिधिमंडल UN महासभा हॉल से बाहर चला गया। उन्होंने अपने भाषण में गाजा की मानवीय स्थिति और इजराइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान शामिल हैं) के नेताओं के साथ एक बहुपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय और कतर के अमीर शेख हमद अल थानी भी मौजूद थे। उधर अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक हुई। ट्रंप ने बातचीत को “बहुत अच्छी” बताया।

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