सीवान: जिले के जामो थाना क्षेत्र के आलमापुर गांव में शुक्रवार (23 अक्टूबर) को पटाखों में आग लगने से एक मकान में भीषण विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि मकान के अगले हिस्से का मलबा सड़क पर जा गिरा। धमाकों के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और आस-पास के लोग दहशत में आ गए।

सीवान के पुलिस अधीक्षक (SP) भारत सोनी ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि मरने वालों की संख्या लगभग 7 बताई जा रही है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को शाम करीब पांच बजे घटना की सूचना मिली थी। हादसे के बाद पुलिस, दमकल और मेडिकल टीम मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के साथ घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो घंटे तक रुक-रुककर धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। लगातार विस्फोट और धुएं के कारण घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य में भी परेशानी हुई। विस्फोट की भयावहता के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए, जिससे उनकी पहचान करने में मुश्किल आई।

विस्फोट के बाद घर से भागे कुछ लोग

एसपी भारत सोनी ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार, विस्फोट के समय कुछ लोग घर से निकलकर भाग गए थे। उनका भी अब तक पता नहीं चल सका है। ऐसे में हादसे में मारे गए लोगों और लापता लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

बताया जाता है कि हादसे में मकान मालिक मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां के अलावा दो मजदूर, उनकी तीन पौत्रियों और एक पौत्र की मौत हुई है। हालांकि, इन सभी मौतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और मेडिकल टीम की जांच के बाद ही हताहतों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।

मकान में रखा था पटाखों का भंडार

जानकारी के अनुसार, आलमपुर निवासी मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां के मकान में पटाखे रखे हुए थे। इसी दौरान पटाखों में आग लग गई और आग ने मकान में रखे अन्य पटाखों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद एक के बाद एक कई विस्फोट हुए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अमीरुद्दीन मियां शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए पटाखों की आपूर्ति करते थे। मकान में पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और विस्फोटक सामग्री रखे होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, वहां वास्तव में किस प्रकार की सामग्री और कितनी मात्रा में रखी गई थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

ग्रामीणों ने दावा किया कि संबंधित परिवार लंबे समय से पटाखों का कारोबार कर रहा था और उसके पास पुराना लाइसेंस था। एसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस यह जांच करेगी कि पटाखों के भंडारण या निर्माण के लिए वैध लाइसेंस था या नहीं और लाइसेंस की शर्तों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

डीएम और एसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआइजी सारण, जिलाधिकारी, एसपी और महाराजगंज के अनुमंडल पदाधिकारी ने घटनास्थल का जायजा लिया। दमकल की टीम के साथ एफएसएल, डॉग स्क्वायड, मेडिकल और बिजली विभाग की टीमों ने भी जांच में सहयोग किया।

घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान की जिम्मेदारी महाराजगंज के सर्किल इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच टीम भी गठित की गई है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी, विस्फोट इतना शक्तिशाली क्यों हुआ और मकान में पटाखों का भंडारण किन परिस्थितियों में किया जा रहा था।

थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार निलंबित

हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जामो बाजार थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी भारत सोनी ने बताया कि सभी अंचल अधिकारियों (CO) और थाना प्रभारियों (SHO) को पटाखों के लाइसेंस का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था। इस निर्देश के तहत सत्यापन की प्रक्रिया भी हुई थी। अब यह जांच की जाएगी कि संबंधित मामले में कहां चूक हुई और जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने दायित्वों का पालन किया या नहीं।

एसपी ने कहा कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि संबंधित मकान में पटाखों का कारोबार किन नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत संचालित हो रहा था।

जांच के बाद स्पष्ट होगी हादसे की असली वजह

सीवान के आलमापुर गांव में हुए इस भीषण विस्फोट के बाद पुलिस के सामने मृतकों की सही संख्या का पता लगाने, लापता लोगों की तलाश करने और हादसे के कारणों का खुलासा करने की चुनौती है। इसके साथ ही पटाखों के लाइसेंस, भंडारण और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल चार लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। अन्य लोगों की मौत और लापता व्यक्तियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

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