bhagalpur protest

भागलपुर: लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की मांग को लेकर गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) को इंडिया गठबंधन की ओर से भागलपुर में ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला गया। इस मार्च में नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से राजद के प्रत्याशी रहे शेख जियाउल हसन उर्फ जेड हसन भी शामिल हुए।

मार्च के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।

‘सिर्फ ज्ञानेश कुमार को हटाने की लड़ाई नहीं’

राजद नेता जेड हसन ने कहा कि यह लड़ाई केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष देश के लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और प्रजातांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है।

जेड हसन ने कहा कि राजद कर्पूरी ठाकुर, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और लालू प्रसाद यादव के विचारों और आदर्शों पर चलते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए इसे अहंकारी और तानाशाही व्यवस्था करार दिया।

ज्ञानेश कुमार पर मुकदमे और SIR रोकने की मांग

प्रदर्शन के दौरान जेड हसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग की।

इसके अलावा उन्होंने SIR (Special Intensive Revision) को तत्काल रोकने की मांग की। जेड हसन ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इसे लेकर पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में हुए चुनावों को रद्द करने की मांग भी उठाई। जेड हसन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता सर्वोपरि है। इन मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

SIR को लेकर क्यों हो रहा विरोध?

दरअसल, मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। विपक्ष इसे लेकर पारदर्शी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका, नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठा रहा है।

वहीं, चुनाव आयोग अपने स्तर पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कदमों का बचाव करता रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने ये जाहिर कर दिया है कि चनावों में वोट चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है. चुनाव आयोग बीजेपी के कहने पर सारा खेल कर रहा है. चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है. इसे लेकर बिहार के कई जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किया गया.

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