पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। विधानसभा चुनाव की राजनीति से अलग अब सबकी नजरें विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव पर टिकी हैं। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है। चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार मुकाबला केवल एनडीए और विपक्ष के बीच नहीं, बल्कि कई सीटों पर सहयोगी दलों के बीच भी देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की है, जहां कई प्रमुख दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं।
आठ सीटों पर एनडीए का फॉर्मूला, बीजेपी-जेडीयू में बराबर बंटवारा
एनडीए ने विधान परिषद चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा बराबर किया है। जेडीयू और बीजेपी चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।
जेडीयू के उम्मीदवार
- पटना स्नातक — नीरज कुमार
- तिरहुत स्नातक — अभिषेक झा
- सारण शिक्षक — आनंद पुष्कर
- दरभंगा शिक्षक — घनश्याम राय
बीजेपी के उम्मीदवार
- पटना शिक्षक — नवल किशोर यादव
- कोसी स्नातक — डॉ. एनके यादव
- दरभंगा स्नातक — सर्वेश कुमार
- तिरहुत शिक्षक — नरेंद्र प्रसाद सिंह
एनडीए की कोशिश अपने संगठित वोट बैंक और सहयोगी दलों के तालमेल के सहारे अधिकतम सीटों पर जीत दर्ज करने की है। हालांकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। यहां स्थानीय संपर्क, उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि और मतदाताओं के मुद्दे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आरजेडी ने सात सीटों पर उतारे उम्मीदवार
राष्ट्रीय जनता दल ने इस चुनाव में सात सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
- पटना शिक्षक — डॉ. संजीव कुमार सिंह
- पटना स्नातक — दिलीप कुमार
- कोसी स्नातक — नितेश कुमार
- दरभंगा स्नातक — अनिल कुमार झा
- सारण शिक्षक — प्रो. जयराम यादव
- तिरहुत स्नातक — डॉ. रश्मि विनायक गौतम
- दरभंगा शिक्षक — डॉ. कुंवर राय
आरजेडी की रणनीति शिक्षक और स्नातक वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की है। हालांकि कांग्रेस के साथ कई सीटों पर सीधा मुकाबला होने से विपक्ष की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस ने पांच सीटों पर ठोकी ताल, महागठबंधन में बढ़ी चुनौती
कांग्रेस ने भी विधान परिषद चुनाव में पांच उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक और दरभंगा शिक्षक सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
कांग्रेस के उम्मीदवार
- पटना स्नातक — डॉ. असदुल्लाह खान
- दरभंगा स्नातक — रजनीकांत पाठक
- कोसी स्नातक — मनोज कुमार जायसवाल
- पटना शिक्षक — डॉ. संजय यादव
- दरभंगा शिक्षक — डॉ. मदन मोहन झा
इन पांचों सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इससे महागठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल की कमी उजागर होती दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से यह स्थिति एनडीए के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन परिणाम पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेंगे कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता किस उम्मीदवार को प्राथमिकता देते हैं।
जन सुराज की सभी आठ सीटों पर एंट्री, क्या बिगड़ेगा बड़े दलों का समीकरण?
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी विधान परिषद चुनाव को गंभीरता से लिया है। पार्टी ने सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं।
जन सुराज के उम्मीदवार
- पटना स्नातक — डॉ. अनुज सिंह
- पटना शिक्षक — दिव्या ज्योति
- दरभंगा स्नातक — डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी
- दरभंगा शिक्षक — एसपी राय
- कोसी स्नातक — रजनीश रंजन
- सारण शिक्षक — आफाक अहमद
- तिरहुत स्नातक — डॉ. विमोहन कुमार
- तिरहुत शिक्षक — भूषण झा
जन सुराज की मौजूदगी ने चुनाव को बहुकोणीय बना दिया है। पार्टी अपने उम्मीदवारों के जरिए परंपरागत राजनीतिक दलों से अलग विकल्प देने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच उसकी अपील कितनी प्रभावी साबित होती है।
किन आठ सीटों पर होगा मतदान?
इस चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण।
पटना स्नातक सीट पर क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें?
इस चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जेडीयू ने अपने वरिष्ठ नेता नीरज कुमार को मैदान में उतारा है। वहीं आरजेडी ने दिलीप कुमार और कांग्रेस ने डॉ. असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से डॉ. अनुज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।
इस सीट की खास बात यह है कि आरजेडी और कांग्रेस, जो राज्य की राजनीति में सहयोगी दल माने जाते हैं, एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में विपक्षी वोटों के बंटवारे की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है।
जेडीयू के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। दूसरी ओर आरजेडी, कांग्रेस और जन सुराज अपने-अपने उम्मीदवारों के जरिए स्नातक मतदाताओं के बीच राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
कौन कर सकता है मतदान? जानिए नियम
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: संबंधित क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करने वाले ऐसे पात्र नागरिक मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने निर्धारित अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री या समकक्ष योग्यता प्राप्त की हो। इसके साथ संबंधित स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: ऐसे पात्र शिक्षक मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने निर्धारित अवधि में कम से कम तीन वर्ष तक माध्यमिक स्तर से नीचे न होने वाले मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में अध्यापन किया हो। इनके लिए भी संबंधित शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की विशेष मतदाता सूची में पंजीकरण अनिवार्य है।
