पटना:(ब्यूरो चीफ)बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुआ उपचुनाव इस बार सिर्फ एक चुनाव नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई बन गया। एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने पुराने गढ़ को बचाने के लिए मैदान में उतरी, वहीं दूसरी ओर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस मुकाबले को हाई प्रोफाइल बना दिया।बांकीपुर सीट पर भाजपा का लंबे समय से दबदबा रहा है। वर्ष 1995 से पार्टी लगातार इस सीट पर जीत दर्ज करती आई है। यही वजह है कि इस बार भाजपा के लिए यह सीट केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती बन गई है।

3 अगस्त को होगी मतगणना, नतीजों पर टिकी सभी की नजरें

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को संपन्न हो गया। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार वोटों की गिनती 3 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।अब सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। भाजपा जहां अपनी वर्षों पुरानी पकड़ बनाए रखने का दावा कर रही है, वहीं जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर को उम्मीद है कि जनता बदलाव के पक्ष में फैसला देगी।

दशकों पुराने भाजपा किले में बदलाव की दस्तक या फिर कायम रहेगा दबदबा?

बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में इस बार मुकाबला बेहद रोचक रहा। कुल 33.60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इस हाई प्रोफाइल चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी को दर्शाता है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम तक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।इस उपचुनाव को केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों की परीक्षा के तौर पर देखा गया। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने वर्षों पुराने गढ़ को बचाने की कोशिश में थी, वहीं दूसरी ओर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पहली बार सीधे चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया।

33.60% मतदान, सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा चुनाव

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।शाम पांच बजे तक चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार बांकीपुर सीट पर 33.60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि यह मतदान प्रतिशत बहुत अधिक नहीं रहा, लेकिन हाई प्रोफाइल मुकाबले के कारण राजनीतिक दलों की नजर हर वोट पर टिकी रही।मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी।


भाजपा के सामने अपना गढ़ बचाने की बड़ी चुनौती

बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। वर्ष 1995 से भाजपा लगातार इस सीट पर अपना दबदबा बनाए हुए है।इस बार पार्टी ने युवा नेता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया। भाजपा नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया कि जनता विकास कार्यों और स्थिर नेतृत्व के आधार पर एक बार फिर पार्टी को समर्थन देगी।भाजपा का कहना था कि क्षेत्र में संगठन की मजबूत पकड़, कार्यकर्ताओं की मेहनत और सरकार की योजनाओं के कारण पार्टी को जीत का भरोसा है।


प्रशांत किशोर की एंट्री से बदला चुनावी समीकरण

जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से बांकीपुर का मुकाबला अचानक बिहार के सबसे चर्चित उपचुनावों में शामिल हो गया।प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान जनता के सामने खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर प्रशासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।जन सुराज का दावा था कि जनता अब पुराने राजनीतिक ढांचे से अलग बदलाव चाहती है और वह नए विकल्प को मौका दे सकती है।


प्रशांत किशोर ने लगाए आरोप, भाजपा ने किया पलटवार

मतदान से पहले प्रशांत किशोर ने बिहार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया गया और यह सब सत्ता पक्ष के दबाव में किया गया।उन्होंने कहा कि भाजपा को बांकीपुर सीट पर हार का डर है, इसलिए विरोधियों को परेशान करने की कोशिश की जा रही है।वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार कराया जा रहा है।


भाजपा का दावा- जनता फिर चुनेगी अनुभवी नेतृत्व

भाजपा नेताओं ने चुनाव के दौरान लगातार जीत का दावा किया। पार्टी का कहना था कि बांकीपुर की जनता विकास और स्थिर सरकार के पक्ष में मतदान करेगी।भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वर्षों से पार्टी को मिल रहे समर्थन और क्षेत्र में किए गए कार्यों के कारण मतदाता फिर भाजपा के साथ खड़े होंगे।


जन सुराज का दावा- बदलाव के पक्ष में है जनता

दूसरी ओर जन सुराज पार्टी ने दावा किया कि इस बार मतदाताओं में बदलाव की इच्छा दिखाई दे रही है।पार्टी नेताओं का कहना था कि लंबे समय से एक ही राजनीतिक दल के कब्जे वाली सीट पर अब जनता नए विकल्प को आजमाना चाहती है।प्रशांत किशोर ने इसे बिहार में नई राजनीति की शुरुआत के तौर पर पेश किया।

नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद हुआ उपचुनाव

बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया।इससे पहले 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने राजद उम्मीदवार को 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर लगातार पांचवीं बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी।


अब फैसले का इंतजार, नतीजे बताएंगे जनता का रुख

33.60 प्रतिशत मतदान के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। भाजपा को भरोसा है कि उसका पुराना जनाधार कायम रहेगा, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को उम्मीद है कि मतदाता बदलाव के पक्ष में फैसला देंगे।बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं होगा, बल्कि यह बिहार की राजनीति में नए विकल्पों की स्वीकार्यता और पुराने राजनीतिक समीकरणों की मजबूती का भी संकेत देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *