FIFA World Cup: न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यूरोपीय चैंपियन स्पेन ने पहली बार विस्तारित 48 टीमों वाले इस टूर्नामेंट का खिताब जीता, जबकि लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।
स्पेन को मिली रिकॉर्ड प्राइज मनी
विश्व कप 2026 जीतने के साथ ही स्पेन को फीफा की ओर से 50 मिलियन डॉलर (करीब 481 करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड इनामी राशि मिली। यह पुरुषों के फीफा विश्व कप इतिहास में किसी भी विजेता टीम को मिलने वाली अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है। यह रकम 2022 विश्व कप विजेता अर्जेंटीना को मिली राशि से 8 मिलियन डॉलर अधिक है।
हार के बावजूद अर्जेंटीना की हुई बड़ी कमाई
फाइनल में हार के बावजूद अर्जेंटीना को उपविजेता बनने पर 33 मिलियन डॉलर (करीब 318 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिलेगी। यह राशि 2022 विश्व कप में उपविजेता रही फ्रांस को मिले पुरस्कार से 3 मिलियन डॉलर अधिक है। इससे साफ है कि फीफा ने इस बार सभी शीर्ष टीमों के लिए प्राइज मनी में बड़ा इजाफा किया है।
फीफा ने रखा इतिहास का सबसे बड़ा प्राइज पूल
दिसंबर 2025 में फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो की अध्यक्षता में हुई फीफा काउंसिल की बैठक में 2026 विश्व कप के लिए 655 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड प्राइज पूल मंजूर किया गया था। यह 2022 विश्व कप की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है। 48 टीमों वाले नए फॉर्मेट के कारण इस बार शुरुआती दौर में बाहर होने वाली टीमों को भी पहले से कहीं ज्यादा इनामी राशि मिली।
किस स्थान पर कितनी मिली इनामी राशि?
चैंपियन (स्पेन) को इनामी राशि 50 मिलियन डॉलर जबकि उपविजेता (अर्जेंटीना) को 33 मिलियन डॉलर दी गई, वहीं तीसरे स्थान पर (इंग्लैंड) को 29 मिलियन डॉलर, चौथे स्थान पर (फ्रांस) 27 मिलियन डॉलर, 5वें से 8वें स्थान तक 19 मिलियन डॉलर, 9वें से 16वें स्थान तक वाले देश को 15 मिलियन डॉलर, 17वें से 32वें स्थान पर आने वाली टीम को 11 मिलियन डॉलर और 33वें से 48वें स्थान तक आने वाली टीम को 9 मिलियन डॉलर इनाम की राशिदी गई.
48 टीमों के नए फॉर्मेट से सभी देशों को फायदा
फीफा ने 2026 विश्व कप में पहली बार 48 टीमों के विस्तारित फॉर्मेट को अपनाया। इसके साथ ही प्राइज मनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई, जिससे सिर्फ विजेता और उपविजेता ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ मिला। रिकॉर्ड प्राइज फंड के कारण यह विश्व कप खेल और आर्थिक दोनों ही दृष्टि से ऐतिहासिक बन गया।
