पटना: बिहार में सम्राट चौधरी सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी। राज्य मंत्रिपरिषद ने कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में गांवों के विद्युतीकरण से लेकर कृषि फीडरों के सोलराइजेशन, कानून-व्यवस्था के लिए नए वाहन, सड़क और क्रूज टर्मिनल जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि सरकार ने इस बार ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी है।

कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी

बिहार के बचे हुए 2,554 कृषि फीडरों का सोलराइजेशन किया जाएगा। इसके लिए कुल 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। योजना के तहत करीब 2,761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य राज्य के वित्तीय हितों की रक्षा के साथ किसानों की आय बढ़ाना और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

कैमूर और रोहतास के 21 हजार से ज्यादा घर होंगे रोशन

कैमूर और रोहतास की 177 बसावटों और 132 गांवों के 21,644 घरों को ग्रिड से बिजली उपलब्ध कराने की योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए संशोधित लागत 351.85 करोड़ रुपये तय की गई है। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहन खरीदेगी। वाटर कैनन पर 26.40 करोड़ और वज्र वाहनों पर 36.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दोनों के लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

सड़क परियोजनाओं को भी मिली हरी झंडी

कैबिनेट ने मुंगेर और पटना से जुड़ी कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। तारापुर बाईपास के 7 किलोमीटर हिस्से के लिए 115.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा रनगांव-भागलपुरा पथ से धौनी भाया विसय बाईपास के लिए 87.63 करोड़ रुपये और पटना में मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से जुड़ी सड़क परियोजना के लिए 82.26 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

पटना में बनेंगे दो क्रूज टर्मिनल

राजधानी पटना में पर्यटन और गंगा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दो क्रूज टर्मिनल विकसित करने की योजना है। सबलपुर दियारा और दुजरा दियारा में दो-दो एकड़ जमीन भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को 25 साल की अस्थायी लीज पर देने की मंजूरी दी गई है। हीमोफीलिया मरीजों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना को भी स्वीकृति मिली है। इसके तहत एमिसिज़ुमैब दवा की खरीद के लिए पहले वर्ष में 26.33 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय के लिए 477 करोड़

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका समेत संबंधित कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 477 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा पटना में होटल ताज सिटी सेंटर से जुड़े प्रस्ताव को पर्यटन नीति के तहत वित्तीय मंजूरी, बहादुरपुर में आवास बोर्ड की दो परियोजनाओं के लिए NBCC के साथ समझौते और 871 कुशल युवा कार्यक्रम संचालकों को कार्यक्रम चलाने की अनुमति भी दी गई। यानी बुधवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों का दायरा काफी व्यापक रहा—बिजली और सौर ऊर्जा से लेकर सड़क, सुरक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और रोजगार तक कई क्षेत्रों में सरकार ने नई योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

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