पटना: बिहार में मेडिकल और नर्सिंग छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने 28 सितंबर को पटना में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले। पप्पू यादव ने छात्रों के साथ गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक पैदल मार्च किया।
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने रोका मार्च
छात्रों के मार्च को डाकबंगला चौराहे पर पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने रोक दिया। मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोके जाने के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद पप्पू यादव ने मौके पर प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बिहार सरकार पर छात्र विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने बिहार सरकार पर छात्रों की मांगों और उनके भविष्य को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर तरीके से संचालित हो सके।
BUHS में स्थायी कुलपति की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) में स्थायी कुलपति की नियुक्ति शामिल है। छात्रों का कहना है कि स्थायी कुलपति की नियुक्ति से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा
परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच की मांग
छात्रों ने परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा समय पर शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने की मांग की गई, ताकि परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित समय पर आयोजित हो सकें।

परीक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच की व्यवस्था लागू करना भी शामिल है। इसके अलावा छात्रों ने शैक्षणिक कैलेंडर को समय पर लागू करने की मांग उठाई, ताकि परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित समय के अनुसार संचालित हो सकें।
BUHS छात्रों के लिए स्टाइपेंड की मांग
पप्पू यादव ने बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से जुड़े छात्रों को स्टाइपेंड देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में गांव-गांव जाकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मेडिकल और नर्सिंग छात्र शामिल हुए। छात्रों का कहना था कि उनकी मांगें शिक्षा व्यवस्था और उनके भविष्य से जुड़ी हुई हैं और सरकार को इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
