पटना: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र (Bankipur Constituency) उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अंतिम समय में बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए अपने उम्मीदवार में बदलाव कर दिया। पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी के नामांकन वापस लेने के कुछ ही देर बाद भाजपा ने 32 वर्षीय नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित कर दिया।

बूथ पर पर्ची बांट रहे थे नीरज कुमार सिन्हा
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जिस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने की सूचना दी, उस वक्त नीरज कुमार सिन्हा किसी बड़े राजनीतिक मंच पर नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी पर्चियां बांटने और संगठन के काम में जुटे हुए थे।

अचानक आया पार्टी नेतृत्व का फोन
नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि अचानक उनके पास पार्टी नेतृत्व का फोन आया और उन्हें तुरंत भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर उन्हें किस कारण बुलाया जा रहा है।

प्रदेश कार्यालय पहुंचते ही मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश कार्यालय पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी दी गई कि पार्टी ने उन्हें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार चुना है। यह सुनकर न केवल वह खुद हैरान रह गए, बल्कि वहां मौजूद कई कार्यकर्ताओं के लिए भी यह फैसला अप्रत्याशित था।

उम्मीदवार बनते ही कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
उम्मीदवार घोषित होने के बाद भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी और चुनाव में जीत की शुभकामनाएं दीं।

भावुक हुए नीरज कुमार सिन्हा
अपनी पहली प्रतिक्रिया में भावुक नजर आए नीरज कुमार सिन्हा ने कहा, “मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि पार्टी मेरे जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को बांकीपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट से उम्मीदवार बनाएगी। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।”

भाजपा में मेहनत और समर्पण का सम्मान
उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक सामान्य कार्यकर्ता पर भरोसा जताकर यह साबित कर दिया है कि पार्टी में मेहनत, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का सम्मान किया जाता है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।

मोदी, शाह और पार्टी नेतृत्व का जताया आभार
नीरज कुमार सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और सभी वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि वह पार्टी के इस विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

राजनीतिक गलियारों में फैसले की चर्चा
बांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार बदलने के भाजपा के इस फैसले को राजनीतिक गलियारों में एक बड़े और रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा का यह दांव चुनावी मैदान में कितना असर दिखाता है

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